
विस्थापित प्रभावित ठेकेदार संघ का किसी संगठन में विलय नहीं : नागेश्वर गंझू।।
“अफवाहों से दूर रहें ठेकेदार, आधिकारिक सूचना पर ही करें विश्वास”
रिपोर्टर/राशीद अंसारी
खलारी। विस्थापित प्रभावित ठेकेदार संघ का किसी भी संगठन में न तो विलय हुआ है और न ही भविष्य में बिना सर्वसम्मति के ऐसा कोई निर्णय लिया जाएगा। यह स्पष्ट बातें संघ के अध्यक्ष नागेश्वर गंझू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही। उन्होंने क्षेत्र में फैल रही तमाम चर्चाओं और अफवाहों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया।
श्री गंझू ने कहा कि जब तक सभी संबंधित पक्षों के साथ आपसी बैठक कर विचार-विमर्श नहीं किया जाता और सर्वसम्मति नहीं बनती, तब तक विस्थापित प्रभावित ठेकेदार संघ किसी अन्य संगठन में शामिल नहीं होगा और न ही उसका किसी संगठन में विलय संभव है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संघ अपने अस्तित्व, उद्देश्य और हितों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट और एकजुट है।
संघ अध्यक्ष ने क्षेत्र में फैल रही उस अफवाह पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें यह कहा जा रहा है कि सभी ठेकेदार संघ आपस में एक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह सच्चाई से कोसों दूर है। कुछ स्वार्थी तत्व अपने निजी लाभ के लिए ऐसी भ्रामक सूचनाएं फैला रहे हैं, जिससे ठेकेदारों के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है।
नागेश्वर गंझू ने कहा कि संघ के नाम का गलत इस्तेमाल कर गलत सूचना फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्थापित प्रभावित ठेकेदार संघ अपने मूल उद्देश्यों — विस्थापित और प्रभावित ठेकेदारों के अधिकार, रोजगार और हितों की रक्षा — के लिए पहले की तरह पूरी मजबूती से कार्य करता रहेगा।
संघ अध्यक्ष ने सभी सदस्यों, ठेकेदारों और क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल संघ की ओर से जारी आधिकारिक बयान और सूचना पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि संघ से संबंधित किसी भी निर्णय की जानकारी सार्वजनिक रूप से और पारदर्शी तरीके से दी जाएगी।
अंत में श्री गंझू ने कहा कि विस्थापित प्रभावित ठेकेदार संघ एक सशक्त संगठन है और भविष्य में भी ठेकेदारों के हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ता रहेगा।










